स्वादिष्ट खाने में किरासन तेल के बूंद की तरह हैं माओवादी : बाबूलाल मरांडी, कहानी जीतन मरांडी की भाग बारह

जीतन मरांडी, जो संस्कृतकर्मी हैं, उन्हें इतने दिनों तक जेल में रहना पड़ा। इसके लिए मैं किसी को दोष नहीं दूंगा  इस घटना को

Read more

क्रांति, समाजवाद, माओवाद जैसे शब्द तो भूलकर भी नहीं लिखता था : कहानी जीतन मरांडी की भाग दस

अंडा सेल में लेकिन गलत यह हुआ कि मुझे अंडा सेल में डाल दिया गया। जेलर बोला कि ऊपर से आदेश है। हम कुछ

Read more

नक्सली घटना के अलावे किसी अन्य तरह का मामला बहुत कम दर्ज होता है, क्यों? कहानी जीतन मरांडी की भाग पांच

जीवन और बारूद की आवाज जीवन में एक नया अध्याय जुड़ जाता है। क्षेत्र में नक्सलवाद का प्रचार हो चुका था। लेकिन नजर धुंधला

Read more

कहानी जीतन मरांडी की – भाग एक

  नाम जीतन मरांडी गांव – करंदो ब्लॉक – पीरटांड़ जिला – गिरिडीह जन्मतिथि – 21 सितंबर, 1981 पेशा – संस्कृतिकर्मी , सामाजिक कार्यकर्ता

Read more