ओलंपिक तैयारी को बनी कमेटी में स्थान नहीं मिला, इसका गम नहीं : धनराज

 

 

सरकार या हॉकी इंडिया बोले या ना बोले मुझे जो हॉकी के लिए करना है, वह मैं कर रहा हूं और करता रहंगा। 

ओलंपिक की तैयारी के लिए बनी कमेटी में मुझे स्थान नहीं मिला, इसका गम नही है। सरकार और हॉकी इंडिया के साथ मेरा तालमेल कभी ठीक नहीं रहा। मैं इन सब पर ध्यान नहीं देता। कमेटी में जो भी रहें सक्षम लोग रहें। तय करें कि 2020, 2024 ओलंपिक में किस खेल में जीतने की सबसे अधिक संभावना है। उसमें और मेहनत किया जाए। किस स्टेट से खिलाड़ी निकालना है, इसका ब्लूप्रिंट तैयार होना चाहिए।

खिलाड़ी गांव में ही मिलेंगे  खेल बजट में पैसा बढ़ना चाहिए, उससे पहले जरूरी है कि जो पैसा मिला है उसे पूरा खर्च भी कर पा रहे हैं की नहीं। उस पैसे का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्क्चर पर करना होगा। यह इंफ्रा छोटे शहरों में हो, क्योंकि खिलाड़ी गांव में ही मिलेंगे। हाल में हॉकी के कप्तान को पद्मश्री मिला, चाहूंगा कि कुछ और नामी खिलाड़ियों को पुरस्कार मिले।

पैसा आऩे पर खुद पर फिल्म बनाऊंगा  अगर किसी फिल्ममेकर को मेरे जीवन का संघर्ष अपील नहीं करता मैं इससे निराश नहीं हूं। तय है कि जिस दिन खुद के पास पैसा आएगा, अपने ऊपर फिल्म बनाउंगा। अच्छा हीरो लूंगा, खुद भी छोटा रोल करुंगा। उम्र के 18वें साल से 42 तक खेला। कई बार आज भी वापसी के बारे में सोच लेता हूं। संभव नहीं है, लेकिन दमखम उतना ही है। दर्शकों को एक बार फिर मजा देने को सोचता हूं। इच्छा है कि मेरी तरह एक खिलाड़ी बने जो तिरंगा भी लहराए और दर्शकों को इंटरटेन भी करे।

एचआईएल में बढ़ रही दर्शकों की संख्या  दर्शकों की संख्या हर एचआईएल में बढ़ रहा है। लोगों को नियम की जानकारी मिल रही है, जहां तक फील्ड गोल को दो गोल में बदलने की बात है, इसको विश्व हॉकी में लाना है या नहीं, मैं नहीं कह सकता।

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